🦋 स्वतंत्रता का नृत्य — Dance of Freedom
Moral: Freedom / स्वतंत्रता का महत्व
एक छोटे से कमरे की खिड़की के पास
एक काँच की बरनी (Jar) रखी थी।
उस बरनी के अंदर
एक नाज़ुक, रंग-बिरंगी तितली कैद थी।
उसके पंख कभी आसमान को छूते थे…
पर अब वे थककर गिर गए थे।
वह कई बार पंख फड़फड़ाकर बाहर निकलने की कोशिश करती,
काँच से टकराती,
फिर चुप होकर नीचे लेट जाती —
मानो उसकी उड़ान
उसके सपनों के साथ कैद हो गई हो।
सूरज की रोशनी खिड़की से अंदर आती,
पर तितली तक नहीं पहुँच पाती।
उसकी आँखों में
थकान… डर… और बेबसी थी।
वह अब लगभग निश्चेष्ट पड़ी थी —
जैसे उसका जीवन
धीरे-धीरे बुझ रहा हो।
👦 बच्चे की जागरूकता
यह बरनी
एक छोटे बच्चे के कमरे में रखी थी।
सुबह जब उसने तितली को देखा,
तो उसे लगा —
“यह क्यों नहीं उड़ रही?”
कुछ देर तक वह चुप रहा…
फिर उसके दिल में एक सवाल उठा —
“अगर मुझे कोई यहाँ बंद कर दे…
तो क्या मैं खुश रहूँगा?”
उसने बरनी उठाई…
तितली को देखा…
और पहली बार
उसने महसूस किया —
कैद भी एक दर्द होती है।
🕊️ आज़ादी का पल
बच्चे ने खिड़की खोली।
धीरे-धीरे उसने
बरनी का ढक्कन हटाया।
कुछ पल तक तितली स्थिर रही…
शायद उसे विश्वास नहीं हो रहा था
कि दरवाज़ा सच में खुल चुका है।
फिर…
हवा का एक हल्का झोंका आया।
तितली ने काँपते हुए
अपने पंख उठाए…
और पहली बार
लम्बे समय बाद —
उड़ान भरी।
वह आसमान की ओर उठी…
रौशनी में चमकी…
नीले आकाश में घूमी…
और फिर
हवा में लहराते हुए —
मानो नृत्य करने लगी।
यह कोई सामान्य उड़ान नहीं थी —
यह थी
स्वतंत्रता का नृत्य।
✨ बच्चे की समझ
बच्चा मुस्कुराया…
पर उसके मन में एक नई सीख जन्म ले चुकी थी।
उसने धीरे से कहा —
“सच्चा प्यार —
किसी को अपने पास बाँधना नहीं…
उसे आज़ाद देखना है।”
उस दिन से
वह कभी किसी पक्षी, तितली या जीव को
कैद नहीं करता।
वह जान गया —
उड़ान की कीमत
केवल वही समझ सकता है
जो पंख रखता हो।
🌟 Moral — Life Lesson
✔ स्वतंत्रता हर जीव का अधिकार है
✔ खुशी कैद में नहीं, आज़ादी में होती है
✔ दया का अर्थ — दूसरों को मुक्त करना है
✔ प्यार बाँधता नहीं — उड़ने देता है

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें